
नई दिल्ली में गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और फिनलैंड के बीच डिजिटलीकरण व स्थिरता क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों के नागरिकों के लिए अपार संभावनाएं उत्पन्न होंगी।
यह टिप्पणी सोशल मीडिया एक्स पर साझा की गई, जिसमें विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल के पोस्ट का उल्लेख था। फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब की भारत यात्रा के परिणामों पर प्रकाश डालते हुए पीएम ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 6जी, स्वच्छ ऊर्जा और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग की बात कही।
राष्ट्रपति स्टब की पहली भारत यात्रा पर पीएम मोदी ने उनका हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने रायसीना डायलॉग के मुख्य अतिथि बनने पर प्रसन्नता जताई। यूक्रेन से पश्चिम एशिया तक वैश्विक संघर्षों के बीच भारत-यूरोप संबंधों का स्वर्णिम दौर शुरू हो चुका है, ऐसा मोदी ने कहा।
हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक में सहयोग मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा हुई। क्षेत्रीय-वैश्विक मुद्दों और बहुपक्षीय मंचों पर विचार-विमर्श किया गया।
बातचीत के बाद पीएम ने स्टब के सम्मान में लंच आयोजित किया। इससे पूर्व विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राष्ट्रपति से भेंट की। जयशंकर ने रायसीना डायलॉग में उनके भाषण का इंतजार जताया।
यह साझेदारी भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई गति देगी और फिनलैंड की तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा। दोनों देश सतत विकास के वैश्विक लक्ष्यों में अग्रणी बन सकते हैं।