
मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को राज्य के लिए वरदान बताया। उन्होंने कहा कि इस समझौते से महाराष्ट्र की प्रमुख उद्योगों को वैश्विक बाजारों में मजबूत पैर जमाने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग, फार्मा, केमिकल्स, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और रत्न-आभूषण जैसे क्षेत्रों में तेजी से वृद्धि, बेहतर प्रतिस्पर्धा और व्यापक बाजार पहुंच सुनिश्चित होगी। किसानों को कृषि निर्यात के नए द्वार खुलने से खासी खुशहाली मिलेगी।
एक्स पर पोस्ट में फडणवीस ने पीएम मोदी की अगुवाई में इस रणनीतिक जीत की सराहना की। 27 यूरोपीय देशों के साथ जुड़ाव से 25 प्रतिशत वैश्विक जीडीपी वाले बाजार खुलेंगे। 99 प्रतिशत से अधिक भारतीय वस्तुओं को प्राथमिकता मिलेगी, जिससे 6.41 लाख करोड़ के निर्यात में उछाल आएगा।
कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। पेशेवरों के लिए वैश्विक मोबिलिटी बढ़ेगी। यह समझौता महाराष्ट्र को निर्यात हब के रूप में स्थापित करेगा।
दावोस में 30 लाख करोड़ के एमओयू के बाद अब 7-10 लाख करोड़ के और निवेश की तैयारी। क्षेत्रों में एआई, सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा, ईवी आदि शामिल। 83 प्रतिशत प्रत्यक्ष एफडीआई 18 देशों से।