
नई दिल्ली में मंगलवार को भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट ने देश के श्रम प्रधान उद्योगों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का वादा किया है। लेदर, फुटवियर, रत्न-आभूषण और टेक्सटाइल क्षेत्र अब 27 यूरोपीय देशों में शून्य शुल्क पर निर्यात कर सकेंगे।
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह समझौता इन क्षेत्रों के निर्यात को अभूतपूर्व गति देगा। टेक्सटाइल और परिधान निर्यात पर जीरो ड्यूटी से 263 अरब डॉलर के यूरोपीय बाजार में सीधा प्रवेश संभव हो गया है। इससे निर्यातकों की क्षमता बढ़ेगी और बुनकरों का उत्थान होगा।
लेदर उद्योग को पहले 17 प्रतिशत शुल्क से मुक्ति मिली है, जिससे 100 अरब डॉलर के बाजार के द्वार खुल गए। रत्न-आभूषण क्षेत्र 79 अरब डॉलर के प्रीमियम बाजार का लाभ उठाएगा, साथ ही 2 ट्रिलियन डॉलर के औद्योगिक बाजार में प्राथमिकता प्राप्त होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे साझा समृद्धि का खाका बताया। किसानों, छोटे उद्योगों के लिए बाजार पहुंच आसान होगी, विनिर्माण के नए अवसर पैदा होंगे और सेवा क्षेत्र मजबूत होगा। यह समझौता आर्थिक विकास की नई दिशा तय करेगा।