
नई दिल्ली। जूट उत्पादक किसानों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने मंगलवार को विपणन वर्ष 2026-27 के लिए कच्चे जूट (टीडी-3 ग्रेड) का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5925 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। यह पिछले वर्ष के मुकाबले 275 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक कार्य मंत्रिमंडलीय समिति ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। इससे किसानों को उत्पादन लागत पर 61.8 प्रतिशत लाभ मिलेगा, जो बजट 2018-19 के 1.5 गुना लागत के सिद्धांत पर आधारित है।
सरकार ने 2014-15 में 2400 रुपये से बढ़ाकर अब 5925 रुपये कर दिया, यानी 2.5 गुना वृद्धि। 2014-15 से 2025-26 तक 1342 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ, जबकि पहले दस वर्षों में सिर्फ 441 करोड़।
भारतीय जूट निगम मूल्य समर्थन का कार्य देखेगा और किसी भी घाटे की भरपाई केंद्र करेगा। भारत दुनिया का सबसे बड़ा जूट उत्पादक है, जहां 99 प्रतिशत पैदावार पश्चिम बंगाल (80 प्रतिशत से अधिक), बिहार, असम, ओडिशा और आंध्र प्रदेश से आती है। उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी और जलवायु यहां फसल के लिए आदर्श है।
यह कदम जूट क्षेत्र को मजबूत बनाएगा और किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। पर्यावरण-अनुकूल जूट के बढ़ते उपयोग से निर्यात के अवसर भी बढ़ेंगे।