
देश की प्रमुख घरेलू एयरलाइंसों में कुल 11,394 पायलट कार्यरत हैं, जिनमें 1,871 महिला पायलट शामिल हैं। यह आंकड़ा गुरुवार को लोकसभा में नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने एक लिखित प्रश्न के उत्तर में प्रस्तुत किया।
इंडिगो के पास सबसे ज्यादा 5,200 पायलट हैं, जिसमें 970 महिलाएं हैं। टाटा समूह की एयर इंडिया में 3,123 पायलट कार्यरत हैं, जिनमें 508 महिलाएं शामिल हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस में 1,820 पायलट (234 महिलाएं), अकासा एयर में 761 (76 महिलाएं), स्पाइसजेट में 375 (58 महिलाएं) और एलायंस एयर में 115 (25 महिलाएं) हैं।
विदेशी पायलटों की नियुक्ति भी महत्वपूर्ण है। इंडिगो में 29, एयर इंडिया एक्सप्रेस में 48 और एलायंस एयर में 15 विदेशी पायलट काम कर रहे हैं।
पायलट-प्रति-विमान अनुपात में स्पाइसजेट सबसे आगे है (9.4), उसके बाद अकासा एयर (9.33), एयर इंडिया (9.1), एयर इंडिया एक्सप्रेस (8.8), इंडिगो (7.6) और एलायंस एयर (6.0)। ये आंकड़े विमानन क्षेत्र की कार्यबल संरचना को स्पष्ट करते हैं।
विमानन उद्योग की तेजी से वृद्धि के बीच महिलाओं की बढ़ती भागीदारी स्वागतयोग्य है। इसी क्रम में डीजीसीए ने विदेशी एयरलाइंसों के लिए सख्त नियम प्रस्तावित किए हैं, जिसमें डिजिटल पंजीकरण और शिकायत निवारण शामिल हैं। यह कदम यात्रियों के हितों की रक्षा करेगा।