
उत्तर-पूर्व भारत के प्रमुख हवाई अड्डे गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट, गुवाहाटी में रविवार शाम को नए टर्मिनल ने व्यावसायिक उड़ानें शुरू कर दीं। इससे हवाई अड्डे की सालाना यात्री क्षमता 1.31 करोड़ तक पहुंच गई है। यह विकास असम की राजधानी को दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण द्वार के रूप में स्थापित करता है।
टर्मिनल को चरणबद्ध ढंग से सक्रिय किया गया। चेक-इन, सामान हैंडलिंग, सुरक्षा जांच और उड़ान संचालन जैसे सभी सिस्टम की लाइव टेस्टिंग पूरी होने के बाद ही पूर्ण संचालन शुरू हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 दिसंबर 2023 को इसका उद्घाटन किया था।
कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के निदेशक जीत अदाणी उपस्थित थे। पहले यात्री को प्रतीकात्मक बोर्डिंग पास सौंपा गया और मुंबई से आई अकासा एयर की फ्लाइट ने लैंडिंग की। दीप प्रज्वलन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कारीगर, चाय बागान मजदूर, कर्मचारी व सीआईएसएफ जवान शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी द्वारा ‘एडवांटेज असम 2.0’ में किए 50,000 करोड़ के निवेश वचन को पूरा करने की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह टर्मिनल पर्यटन को नई उड़ान देगा और राज्य के लिए क्रांतिकारी साबित होगा।
जीत अदाणी ने इसे क्षेत्रीय जरूरतों और भविष्य की योजनाओं का प्रतीक बताया। गुवाहाटी गैर-मेट्रो हवाई अड्डों में सबसे तेजी से बढ़ने वालों में शुमार है। पिछले वर्षों में 90 लाख से ज्यादा यात्री संभाले गए, जो इसे देश के शीर्ष 10-12 व्यस्त एयरपोर्ट्स में लाता है।
अब 1.31 करोड़ क्षमता के साथ नई फ्लाइट्स और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन संभव हैं। यह 21 घरेलू और बैंकॉक, पारो, सिंगापुर जैसे तीन विदेशी गंतव्यों से जुड़ा है, जहां रोज 130 से अधिक उड़ानें संचालित होती हैं।
प्रसिद्ध वास्तुकार नुरू करीम द्वारा असम के कोपौ फूल से प्रेरित डिजाइन में 140 मीट्रिक टन बांस का इस्तेमाल हुआ है, जिसमें स्थानीय बांस कला और अपातानी जनजाति की शैली झलकती है। अदाणी एएएचएल अपनी सहायक कंपनी के जरिए कई अन्य एयरपोर्ट्स का भी संचालन करती है।