
भारत के वित्तीय क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी) ने अरुण जेटली नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फाइनेंशियल मैनेजमेंट (एजेएनआईएफएम) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह घोषणा बुधवार को की गई, जिसका उद्देश्य गिफ्ट इंटरनेशनल फिनटेक इंस्टीट्यूट में अंतरराष्ट्रीय वित्त, शासन और वित्तीय प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में क्षमता निर्माण करना है।
यह साझेदारी भारत के एकमात्र इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (आईएफएससी) इकोसिस्टम की बदलती जरूरतों के अनुरूप उन्नत वित्तीय शिक्षा प्रदान करने पर केंद्रित है। दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक सहयोग और ज्ञान आदान-प्रदान से कुशल मानव संसाधन तैयार होंगे।
वित्त मंत्रालय के अधीन एजेएनआईएफएम का नीति-आधारित वित्त शिक्षा और प्रशिक्षण में लंबा अनुभव है। यह सरकारी वित्तीय अधिकारियों को ट्रेनिंग देता है और वित्त, प्रबंधन व सार्वजनिक नीति में उच्च स्तरीय कोर्स चलाता है। गिफ्ट सिटी के विस्तार वाले वित्तीय क्षेत्र के लिए यह क्षमता पूरक साबित होगी।
गिफ्ट सिटी के एमडी व ग्रुप सीईओ संजय कलरा ने कहा, ‘एजेएनआईएफएम संग यह साझेदारी उद्योग-अकादमिक सहयोग को प्रोत्साहित करती है। इंडस्ट्री इमर्शन प्रोग्राम के जरिए हम ऐसे पेशेवर तैयार करेंगे जो आईएफएससी और वैश्विक बाजारों में योगदान दें।’
एजेएनआईएफएम के निदेशक प्रवीण कुमार ने इसे रणनीतिक गठबंधन बताया। ‘वित्त व शासन में स्नातकोत्तर शिक्षा को संयुक्त रूप से डिजाइन करेंगे। संकाय व छात्रों का आदान-प्रदान सहयोगी शिक्षण को मजबूत करेगा।’
गिफ्ट सिटी के तेज विकास के बीच यह एमओयू वित्तीय नवाचार, रोजगार सृजन और भारत को वैश्विक वित्तीय केंद्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इससे आर्थिक प्रगति को नई गति मिलेगी।