आईपीओ से ठीक पहले फ्लिपकार्ट में बड़ा हंगामा, सीएफओ श्रीराम ने दिया इस्तीफा
ई-कॉमर्स की दिग्गज कंपनी फ्लिपकार्ट में आईपीओ की तैयारियों के बीच बड़ा बदलाव आया है। कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी श्रीराम वेंकटरमन ने दस साल से अधिक समय गुजारने के बाद इस्तीफा दे दिया है। हालांकि,...

ई-कॉमर्स की दिग्गज कंपनी फ्लिपकार्ट में आईपीओ की तैयारियों के बीच बड़ा बदलाव आया है। कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी श्रीराम वेंकटरमन ने दस साल से अधिक समय गुजारने के बाद इस्तीफा दे दिया है।
हालांकि, वे तत्काल कंपनी नहीं छोड़ेंगे। अगले कुछ महीनों तक अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे, ताकि ट्रांजिशन प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के पूरी हो सके।
अंतरिम रूप से रवि अय्यर वित्त विभाग की कमान संभालेंगे, जब तक स्थायी सीएफओ की नियुक्ति न हो जाए। कंपनी का कहना है कि यह कदम वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
यह बदलाव तब हो रहा है जब फ्लिपकार्ट भारत में अपना आईपीओ लाने की कगार पर है। निवेशक लीडरशिप परिवर्तनों पर नजर रखे हुए हैं, लेकिन कंपनी ने स्पष्ट किया है कि लिस्टिंग योजना तय समय पर चलेगी।
इसके साथ ही, निशांत वर्मा को कॉरपोरेट डेवलपमेंट और पार्टनरशिप के लिए सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बनाया गया है। यह कदम कंपनी के भविष्य के विकास को मजबूत करने की दिशा में है।
वित्तीय नतीजों पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2025 में फ्लिपकार्ट का घाटा 5,189 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले साल के 4,248.3 करोड़ से अधिक है।
हालांकि राजस्व में 17.3 फीसदी की तेजी आई और यह 82,787.3 करोड़ रुपये हो गया। खर्च भी 17.4 फीसदी बढ़कर 88,121.4 करोड़ रुपये पर पहुंचा। स्टॉक खरीद पर सबसे ज्यादा 87,737.8 करोड़ का बोझ पड़ा।
वित्तीय लागत में 57 फीसदी की उछाल आया, जो 454 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। ये आंकड़े बताते हैं कि कंपनी आईपीओ के लिए पूरी तरह तैयार हो रही है।


