
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की वापसी ने बाजार को नई गति दी है। पिछले नौ सत्रों में FII ने 2 अरब डॉलर से अधिक के शेयर खरीदे, जिससे प्रमुख सूचकांकों में तेज उछाल आया। 9 फरवरी को ही 2,223 करोड़ रुपये की नेट खरीदारी दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्थिरता, कंपनियों के बेहतर नतीजे और कमजोर डॉलर से यह रुख लंबा खिंच सकता है। दूसरी ओर, DII ने 8,973 करोड़ रुपये के शेयर लिए, जिससे निफ्टी 50 में उनकी हिस्सेदारी FII से अधिक हो गई। एसआईपी, रिटेल निवेश और बीमा-पेंशन फंड्स इसका आधार हैं।
वैश्विक अनिश्चितताओं से FII पहले सतर्क थे, लेकिन अब घरेलू ताकत बाजार को स्थिरता दे रही है। मार्निंगस्टार के हिमांशु श्रीवास्तव कहते हैं, “घरेलू निवेश से बाजार वैश्विक झटकों से सुरक्षित रहता है।” एशियाई बाजारों से सस्ते दाम और भारत-अमेरिका व्यापार स्पष्टता ने आकर्षण बढ़ाया।
सेंसेक्स-निफ्टी में 3% से ज्यादा तेजी, मिडकैप 5.66% और स्मॉलकैप 6.3% चढ़े। आरबीआई का नरम रुख, जीडीपी सुधार और मजबूत कमाई उम्मीदें FII को ला रही हैं। मोतीलाल ओसवाल के अनुसार, दिसंबर 2025 तिमाही में DII की निफ्टी हिस्सेदारी 24.8% पहुंची, FII के 24.3% से आगे। यह स्थायी बदलाव है।