
नई दिल्ली में शनिवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन का आगमन हुआ, जो भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एक्स प्लेटफॉर्म पर साझा 34 सेकंड के वीडियो में उन्होंने उत्साह जताया कि दोनों पक्ष ऐतिहासिक सौदे के बहुत करीब हैं, जिसे सभी व्यापारिक समझौतों की जननी कहा जा रहा है।
यह समझौता दो अरब लोगों के बाजार को जोड़ेगा, जो वैश्विक जीडीपी का लगभग एक चौथाई है। वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यूरोप लैटिन अमेरिका से लेकर इंडो-प्रशांत क्षेत्र तक के विकास केंद्रों के साथ साझेदारी चाहता है। केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने उनका स्वागत किया। दावोस में उन्होंने इसे यूरोप के लिए प्रथम लाभ का अवसर बताया था।
सूत्र बताते हैं कि 27 जनवरी की भारत-ईयू शिखर बैठक में एफटीए पर बातचीत सफलतापूर्वक पूरी होगी। दोनों पक्ष एक दस्तावेज अपनाएंगे, जिसके बाद यूरोपीय संसद और काउंसिल से मंजूरी मिलेगी। इसके अलावा सुरक्षा-रक्षा साझेदारी और भारतीय पेशेवरों के लिए ईयू में गतिशीलता बढ़ाने वाला समझौता भी होगा।
27 सदस्य देशों वाले ईयू ब्लॉक के साथ वस्तुओं व सेवाओं का यह सौदा भारत का अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक समझौता बनेगा, जो निर्यात को बढ़ावा देगा और आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगा।