
नई दिल्ली में शनिवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डर लेयेन के आगमन ने वैश्विक व्यापार की नई इबारत लिखने की उम्मीदें जगा दी हैं। भारत पहुंचते ही उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक छोटा सा वीडियो साझा किया, जिसमें ईयू-भारत फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को अंतिम रूप देने की निकटता पर उत्साह व्यक्त किया।
वीडियो के कैप्शन में लिखा, ‘सभी व्यापार समझौतों की जननी। हम ईयू-भारत एफटीए के करीब हैं। दिल्ली में जल्द मिलते हैं।’ वीडियो में उन्होंने कहा, ‘भारत आ रही हूं। अभी काम बाकी है, लेकिन ऐतिहासिक सौदे के बेहद करीब हैं। इसे सभी डील्स की मां कहा जाता है। दो अरब लोगों का बाजार, वैश्विक जीडीपी का एक चौथाई। यूरोप विकास के केंद्रों से जुड़ना चाहता है, लैटिन अमेरिका से एशिया-प्रशांत तक।’
केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने उनका स्वागत किया। दावोस में उन्होंने इसे यूरोप को प्रथम लाभ देने वाला बताया था। 27 जनवरी को भारत-ईयू शिखर सम्मेलन में एफटीए पर बातचीत पूरी होने की उम्मीद है। दोनों पक्ष दस्तावेज अपनाएंगे, फिर यूरोपीय संसद मंजूरी देगी।
यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा सौदा होगा, जिसमें 27 देशों वाले ईयू के साथ वस्तुओं व सेवाओं का व्यापार शामिल है। इसके अलावा सुरक्षा-रक्षा साझेदारी और भारतीय पेशेवरों के लिए गतिशीलता पैक्ट पर हस्ताक्षर होंगे। यह समझौता आर्थिक मजबूती के साथ रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।