
पश्चिम एशिया के संघर्ष से उपजी ईंधन आपूर्ति की कमी ने चेन्नई के परिवहन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हजारों ऑटो रिक्शा चालक गैस स्टेशनों पर घंटों इंतजार कर रहे हैं, जबकि यात्री बढ़े हुए किराए चुकाने को मजबूर हैं।
संघ नेताओं के मुताबिक, मंगलवार को गैस वाले लगभग 25 प्रतिशत ऑटो ईंधन नहीं भरवा सके। तमिलनाडु ऑटो थोज़िलालार्गल सम्मेलनम के एस बालासुब्रमण्यम ने चेतावनी दी, ‘बुधवार को भी 25 प्रतिशत ऑटो खाली रहे। अगर यूं ही चला तो समस्या गंभीर हो जाएगी।’
निजी स्टेशनों पर ओवरचार्जिंग जोरों पर है। आधिकारिक दाम 59.41 रुपये प्रति किलो हैं, मगर कई जगह 70-80 रुपये वसूले जा रहे। तेल कंपनियों के आउटलेट पर भी 64.51 रुपये हो गए। ‘लागत बढ़ी तो किराया बढ़ाना पड़ रहा है,’ उन्होंने कहा।
कई चालक पेट्रोल पर लौट आए। के. राजेश बोले, ‘सीएनजी सस्ती और माइलेज वाली थी, अब पेट्रोल से कमाई घटी।’
यात्रियों पर बोझ: सेंट्रल-एगमोर का किराया 40 रुपये ज्यादा, अयनावरम-कोयम्बेडु 130 से 180 रुपये। विज्ञनेश ने कहा, ‘किराया असहनीय हो गया।’
मदिपक्कम स्टेशन पर दो घंटे का इंतजार आम। एक चालक ने बताया, ‘सुबह जल्दी आते हैं, फिर भी गैस की गारंटी नहीं।’
स्टेशन मालिक परेशान: लिटिल माउंट का जीओ स्टेशन दो दिन बंद, प्रतिदिन एक लाख का नुकसान। ‘पांच आउटलेट प्रभावित, सबको नुकसान,’ प्रबंधक बोले।
माउंट रोड स्टेशन स्टॉक खत्म होने पर बंद हो सकता। शहर में 40,000 एलपीजी और 20,000 सीएनजी ऑटो हैं, मगर सिर्फ 13 स्टेशन उपलब्ध। सुरक्षा नियमों से दूरी जरूरी।
आपूर्ति सुधारने की मांग तेज, वरना परिवहन ठप्प हो सकता है।