
नई दिल्ली। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने वर्ष 2025 में प्रतिस्पर्धा विरोधी गतिविधियों से जुड़े 54 मामलों को दर्ज किया, साथ ही 149 विलय और अधिग्रहण (एमएंडए) आवेदनों का निपटारा भी किया। यह जानकारी कॉर्पोरेट कार्य राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने लोकसभा में दिए गए लिखित उत्तर में दी।
मंत्री ने बताया कि पिछले साल सीसीआई ने 38 ऐसे मामलों में अंतिम फैसले सुनाए और 146 विलय नोटिसों को मंजूरी प्रदान की। कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय ने प्रतिस्पर्धा कानून में व्यापक सुधार किए हैं।
प्रतिस्पर्धा (संशोधन) अधिनियम, 2023 के तहत विभिन्न नियम अधिसूचित किए गए, जिसमें वैश्विक टर्नओवर आधारित जुर्माने का प्रावधान है। सीसीआई ने दंड निर्धारण दिशानिर्देश, 2024 भी जारी किए, जो पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करते हैं।
विलय मंजूरी की समय सीमा 210 से घटाकर 150 दिन कर दी गई है। निपटान और प्रतिबद्धता ढांचे से मामले तेजी से सुलझेंगे। ग्रीन चैनल से सरल विलयों को तत्काल मंजूरी मिलेगी।
ये सुधार व्यवसायों को गति देते हुए प्रतिस्पर्धा की रक्षा सुनिश्चित करते हैं, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनेगी।