
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में आर्थिक मामलों पर कैबिनेट समिति ने असम के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। 18,662 करोड़ रुपये की लागत से एनएच-15 पर गोहपुर से नुमालीगढ़ तक 71.5 किलोमीटर लंबी 4-लेन ग्रीनफील्ड हाईवे का निर्माण मंजूर हुआ है। इसकी खासियत है ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे 15.79 किलोमीटर की रोड-कम-रेल टनल, जो भारत की पहली और दुनिया की दूसरी ऐसी सुरंग होगी।
आजकल नुमालीगढ़ और गोहपुर के बीच का सफर एनएच-52 के कालियाभोमोरा पुल से होकर 240 किलोमीटर लंबा है। काजीरंगा नेशनल पार्क और बिश्वनाथ गुजरते हुए इसमें 6 घंटे लग जाते हैं। नई परियोजना इन परेशानियों को हमेशा के लिए खत्म कर देगी।
यह प्रोजेक्ट दो राष्ट्रीय राजमार्गों और दो रेल लाइनों को जोड़ेगा, जिसमें रंगिया-मुकोंगसेलेक और फुरकटिंग-मरियानी शामिल हैं। असम के 11 आर्थिक केंद्र, 3 सामाजिक केंद्र, 2 पर्यटन स्थल और 8 लॉजिस्टिक्स हब इससे जुड़ेंगे। चार रेलवे स्टेशन, दो हवाई अड्डे और दो जलमार्गों की बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड समेत पूर्वोत्तर राज्यों को इससे अपार लाभ होगा। माल ढुलाई तेज होगी, लागत घटीगी, आर्थिक विकास को बल मिलेगा। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण यह परियोजना 80 लाख व्यक्ति-दिवस रोजगार पैदा करेगी और क्षेत्र में समृद्धि लाएगी।