
नई दिल्ली में केंद्रीय बजट 2026 को लेकर निवेशकों में उत्साह है। स्मॉलकेस की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, सरकार वित्तीय संतुलन बनाए रखते हुए रक्षा क्षेत्र को सबसे अधिक प्राथमिकता देगी। सर्वे में 50 से ज्यादा निवेश प्रबंधकों ने हिस्सा लिया, जिनमें 40 प्रतिशत ने रक्षा को टॉप पर रखा।
देश में रक्षा उत्पादन को गति, सेना का आधुनिकीकरण, निर्यात की क्षमता और निरंतर सरकारी व्यय इसके पीछे प्रमुख कारण हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर दूसरे नंबर पर है, जहां 29 प्रतिशत विशेषज्ञ सड़क, रेल और अन्य परियोजनाओं पर बड़े खर्च की भविष्यवाणी कर रहे हैं। इससे लंबी अवधि की आर्थिक प्रगति को बल मिलेगा।
शेयर बाजार के प्रति सकारात्मक भाव है। 82 प्रतिशत से अधिक का अनुमान है कि निफ्टी 50 वित्त वर्ष 2027 के अंत तक 25,000 से ऊपर पहुंचेगा। 43 प्रतिशत इसे 25,000-27,500 के दायरे में देख रहे हैं। महंगाई पर चिंता कम, 85 प्रतिशत मानते हैं कि यह 4-5 प्रतिशत या कम रहेगी।
मैन्युफैक्चरिंग को 18 प्रतिशत समर्थन मिला, जबकि खपत और कृषि पर 7-7 प्रतिशत की उम्मीद। बजट के आसपास 80 प्रतिशत को बाजार में उतार-चढ़ाव का डर है, लेकिन यह क्षणिक रहेगा। टैक्स में बड़े बदलाव नहीं, कंपनियों के लिए स्थिरता और वेतनभोगियों के लिए सीमित राहत संभव।
सरकार चुनिंदा कदमों से मांग बढ़ाएगी, बिना वित्तीय अनुशासन तोड़े। यह रिपोर्ट भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव को रेखांकित करती है।