
केंद्रीय बजट 2026-27 всего एक सप्ताह दूर है और रियल एस्टेट क्षेत्र में उत्साह चरम पर है। सस्ते आवास की सीमा बढ़ाने, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बड़ा बजट और एसेट टोकनाइजेशन जैसे कदमों से बाजार को नई गति मिल सकती है। देशभर में मकानों के दाम आसमान छू रहे हैं, ऐसे में ये बदलाव लाखों लोगों के सपनों को साकार कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि सस्ते हाउसिंग की ऊपरी सीमा 45 लाख से बढ़ाकर 80 लाख या एक करोड़ कर देनी चाहिए। इससे डेवलपर्स को प्रोत्साहन मिलेगा और मध्यम वर्ग के लिए घर खरीदना सुगम हो जाएगा। नई परियोजनाओं की बाढ़ आएगी, जिससे रोजगार और आर्थिक विकास को बल मिलेगा।
शहरीकरण की चुनौतियां बढ़ रही हैं – वायु प्रदूषण, पानी की कमी, कचरा प्रबंधन। बजट में इनके लिए खास प्रावधान होने चाहिए। बेहतर सड़कें, मेट्रो विस्तार और स्वच्छता परियोजनाएं शहरों को रहने लायक बनाएंगी, निवेशकों का भरोसा बढ़ाएंगी।
होम लोन पर टैक्स छूट बढ़ानी चाहिए, सस्टेनेबल प्रोजेक्ट्स को इंसेंटिव दें। सबसे रोमांचक है एसेट टोकनाइजेशन – छोटे निवेशकों को रियल एस्टेट में एसआईपी जैसा मौका। ब्लॉकचेन से संपत्ति के टुकड़े खरीदे जा सकेंगे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को रविवार 11 बजे बजट पेश करेंगी। 2000 के बाद पहली बार रविवार को संसद में पेश होगा। 2025 और 2015 की तरह वीकेंड बजट की परंपरा लौट रही है। रियल्टी क्षेत्र उम्मीदों से भरा है।