
देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल ने गुरुवार को वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही के नतीजे पेश किए। अक्टूबर-दिसंबर में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 55 प्रतिशत घटकर 6,630.5 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 14,781.2 करोड़ रुपये था।
मुनाफे में कमी का मुख्य कारण पिछले वर्ष का ऊंचा आधार है, जब एयरटेल को 7,545.6 करोड़ रुपये का असाधारण लाभ मिला था। इसके अतिरिक्त, नए श्रम संहिता के चलते 256.8 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भी भार साबित हुआ। तिमाही आधार पर मुनाफा 2.3 प्रतिशत घटा, जो सितंबर तिमाही के 6,791.7 करोड़ से कम है।
हालांकि, कुल राजस्व में तेजी आई और यह 19.92 प्रतिशत बढ़कर 54,683.9 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल के 45,599 करोड़ से अधिक है। कुल व्यय 12.98 प्रतिशत चढ़कर 23,198.8 करोड़ रुपये रहा।
प्रति उपयोगकर्ता औसत आय (ARPU) 259 रुपये तक पहुंच गई, जो सितंबर के 256 रुपये और पिछले दिसंबर के 245 रुपये से बेहतर है। नेटवर्क पर डेटा खपत 26,056 मिलियन जीबी रही, जो सालाना 29.2 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 6.6 प्रतिशत अधिक है।
प्रति उपयोगकर्ता मासिक डेटा खपत 29.8 जीबी रही, जो पिछले तिमाही से 5 प्रतिशत और सालाना 21.5 प्रतिशत ज्यादा है। कर्मचारियों की संख्या घटकर 24,186 रह गई, जो दक्षता बढ़ाने का संकेत है। एयरटेल 5जी विस्तार और बाजार मजबूती पर केंद्रित है।