
मंगलवार को देशभर के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कर्मचारियों ने पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर हड़ताल कर दी। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर यह कार्रवाई हुई, जो नौ बैंक संघों का संयुक्त मंच है। 23 जनवरी को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ बैठक बेनतीजा रहने के बाद यह कदम उठाया गया।
एसबीआई, पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे प्रमुख बैंकों में नकद लेन-देन, चेक क्लीयरेंस प्रभावित हुए। निजी बैंकों का संचालन सामान्य रहा। उत्तर प्रदेश से गुजरात, पटना, रांची, छत्तीसगढ़ तक विरोध प्रदर्शन हुए।
लखनऊ के इंडियन बैंक की अंशिका सिंह विसेन ने बताया, पुराने समझौते के बावजूद पांच दिन की व्यवस्था लागू नहीं हुई। आरबीआई, एलआईसी जैसी संस्थाओं में शनिवार छुट्टी है, लेकिन बैंकों में दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, हम सरकारी योजनाओं को गांव-किसानों तक पहुंचाते हैं, इसलिए यह सुविधा मिलनी चाहिए।
वडोदरा में संजय झा ने तत्काल लागू करने की मांग दोहराई। पटना की रीतिका ने कार्य दबाव से मानसिक परेशानियों का जिक्र किया। रायपुर में 25 हजार कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। कूच बिहार में भी धरने हुए। ग्राहकों को खासी परेशानी हुई। यूनियनों की मांग जायज लगती है, सरकार को शीघ्र समाधान निकालना होगा।