
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण खुलासा किया कि भारत का लगभग 90 प्रतिशत मूगा रेशम और 65 प्रतिशत एरी रेशम असम में ही तैयार होता है। इससे राज्य स्वदेशी रेशम का वैश्विक केंद्र बन चुका है।
सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने बताया कि मूगा और एरी रेशम उद्योग ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाने, कृषि अर्थव्यवस्था को सशक्त करने तथा आत्मनिर्भर असम के सपने को साकार करने में अहम योगदान दे रहे हैं। पारंपरिक रेशम क्षेत्र राज्य के स्वावलंबी विकास का मजबूत आधार हैं।
सीएम ने कहा कि मूगा-एरी केवल कपड़े नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर और ग्रामीण प्रगति के इंजन हैं। सरकार ने रेशम किसानों को वित्तीय सहायता, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार, कौशल प्रशिक्षण और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रचार जैसी कई योजनाएं लागू की हैं।
पारंपरिक विधियों को संरक्षित रखते हुए आधुनिक तकनीकों से उत्पादन बढ़ाने पर बल दिया जा रहा है, ताकि कारीगर प्रामाणिकता बनाए रखें। महिला बुनकरों के सशक्तिकरण के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। जीआई टैग वाला मूगा अपनी सुनहरी चमक से विख्यात है, जबकि एरी पर्यावरण अनुकूल है।
ये रेशम ग्रामीण इलाकों में रोजगार के बड़े स्रोत हैं। सरकार स्वदेशी उद्योगों को प्रोत्साहन, निर्यात वृद्धि और पारंपरिक ताकतों पर आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था निर्माण को प्राथमिकता दे रही है।