
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने रविवार को राज्य की विमानन क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली महत्वाकांक्षी योजनाओं का ऐलान किया। गुवाहाटी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने माजुली, दीफू, उमरांगसो और मानस में चार नए हवाई अड्डों के निर्माण की रूपरेखा पेश की। ये हवाई अड्डे दूरदराज इलाकों को हवाई संपर्क से जोड़ेंगे और आर्थिक विकास को गति देंगे।
सरमा ने इन परियोजनाओं को क्षेत्रीय एकीकरण और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अनिवार्य बताया। डिब्रूगढ़ के मोरान में आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) पर उठ रही आपत्तियों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इसे चाय बागानों जैसी सिविल सुविधाओं से तुलना करना गलत है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न हिस्सा है, जो युद्ध या संकट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
रक्षा विशेषज्ञों द्वारा सराहना प्राप्त इस सुविधा की बाढ़ में भी सक्रियता इसे और मजबूत बनाती है। सरमा ने ऐसी रणनीतिक संपत्तियों को कमजोर करने की साजिशों पर चेतावनी दी और काजीरंगा कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं का जिक्र किया। केंद्र-राज्य मिलकर और ईएलएफ बनाएंगे।
गुवाहाटी के नए टर्मिनल पर 22 फरवरी से लैंडिंग शुरू होगी, जो यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर निशाना साधते हुए सरमा ने विपक्ष पर विकास विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया। असम अब हवाई संपर्क में आत्मनिर्भर बनेगा।