
मिडिल ईस्ट में भड़के तनाव ने भारतीय विमानन क्षेत्र को गहरी चुनौतियां दे दी हैं। टाटा समूह की एयर इंडिया ने डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) से फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) में अस्थायी छूट की गुजारिश की है। इससे लंबी दूरी की उड़ानों को सुचारू रूप से संचालित करने में मदद मिलेगी।
एयरलाइन का अनुरोध है कि कुछ अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर तीन की बजाय दो पायलटों से उड़ान भरी जा सके। साथ ही, अधिकतम उड़ान अवधि को 10 घंटे से बढ़ाकर 11 से 11.5 घंटे करने और फ्लाइट ड्यूटी पीरियड (एफडीपी) को 13 से 14 घंटे 45 मिनट करने की मांग है।
पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध और 11 मिडिल ईस्ट देशों को उच्च जोखिम वाला घोषित करने से उड़ानों को लंबा सफर तय करना पड़ रहा है। अरब सागर, मध्य एशिया और अफ्रीका के ऊपरी हिस्सों से गुजरने वाले ये रूट ईंधन खपत बढ़ा रहे हैं और क्रू की ड्यूटी पर दबाव बना रहे हैं।
ईरान-इराक हवाई क्षेत्र से परहेज के कारण कई उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। डीजीसीए इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है, जबकि अन्य एयरलाइंस चुप्पी साधे हैं।
क्रू थकान जैसे मुद्दों पर एयर इंडिया की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं आया है। यह कदम विमानन उद्योग की लचीलापन दिखाता है, जो वैश्विक संकटों से निपटने को तैयार है।