
नई दिल्ली, 14 फरवरी। जेपी मॉर्गन की एशिया पैसिफिक इक्विटी रिसर्च टीम की ताजा रिपोर्ट ने आईटी क्षेत्र के लिए राहत भरी खबर दी है। रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आईटी सेवा कंपनियों को समाप्त करने वाली नहीं है, बल्कि समान बजट में अधिक उत्पादकता बढ़ाने वाली साबित होगी।
रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि एआई से आईटी कंपनियों के अवसर कम नहीं होंगे, बल्कि नए क्षेत्रों में वृद्धि होगी। अतीत के तकनीकी परिवर्तनों जैसे ऑफशोरिंग, एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर और क्लाउड कंप्यूटिंग की तुलना में एआई भी इसी तरह काम करेगा। इन सभी ने आईटी सेवाओं को नष्ट नहीं किया, बल्कि काम के तरीके बदले।
पुरानी प्रणालियों को आधुनिक बनाना, एसएएएस ऐप्स को अनुकूलित करना, ऑपरेशनल एआई एजेंट्स बनाना, एआई में विश्वास सुनिश्चित करना और फिजिकल एआई को एकीकृत करना जैसे क्षेत्रों में मांग तेजी से बढ़ रही है। इन सभी के लिए मजबूत आईटी समर्थन जरूरी है।
उद्यमों में तकनीकी टीमों के पास व्यवसायिक अपेक्षाओं से कम फंड होता है। ऐसे में एआई उत्पादकता बढ़ाने का माध्यम बनेगा। जेपी मॉर्गन ने चेताया कि एआई के स्वचालित रूप से एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर बनाने की सोचना गलत है। आईटी फर्में ‘तकनीकी प्लंबर’ की तरह जटिल सिस्टम चलाती हैं।
हालिया आईटी शेयरों की कमजोरी एआई से राजस्व प्रभावित होने की चिंता दर्शाती है, लेकिन रिपोर्ट नए अवसरों पर जोर देती है।