
नई दिल्ली: अदाणी ग्रुप के मुख्य वित्त अधिकारी जुगेशिंदर सिंह ने खुलासा किया कि यह ग्रुप केवल एक कॉर्पोरेट दिग्गज नहीं, बल्कि भारत के सपनों को साकार करने वाली ताकत है। लिंक्डइन पोस्ट में उन्होंने कहा कि 2026 और अगले दशक में ग्रुप भारत की प्रगति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है। अदाणी ग्रुप पर्यावरण, समाज और शासन (ESG) के सिद्धांतों को ईमानदारी से अपनाकर न केवल भारत की सफलता की मिसाल है, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रेरणा स्रोत बन चुका है।
उनका कहना है कि अदाणी का लक्ष्य भारत की उन्नति को सुरक्षित, समावेशी और गौरवपूर्ण बनाना है। ग्रुप की कंपनियां देश की अमानत हैं, जो बुनियादी ढांचे के संरक्षक के रूप में कार्यरत हैं। उदाहरणस्वरूप, अदाणी ग्रीन एनर्जी खावड़ा में 30 गीगावाट के दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट का संचालन कर रही है। वहीं अदाणी पावर अस्पतालों व स्कूलों को निरंतर बिजली सप्लाई सुनिश्चित कर रही है।
अदाणी पोर्ट्स देश के 30% से अधिक कार्गो का प्रबंधन करता है और नेट-जीरो लक्ष्य की ओर अग्रसर है। अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस बिजली वितरण में अग्रणी है, जबकि अदाणी सीमेंट घरों व पुलों के निर्माण में योगदान दे रही है। सीएफओ ने बताया कि ग्रुप प्राप्त संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करता है, कर्ज से परहेज करता है और दीर्घकालिक स्थिरता पर जोर देता है। सभी निगरानी समितियों की अध्यक्षता स्वतंत्र निदेशक करते हैं, जो पारदर्शिता सुनिश्चित करता है। S&P ग्लोबल CSA में अदाणी पावर व पोर्ट्स की सदस्यता इसकी वैश्विक मान्यता दर्शाती है। अदाणी ग्रुप भारत के साथ मिलकर ऐसा भविष्य रच रहा है, जिस पर हर भारतीय को गर्व हो।

