
नई दिल्ली, 28 फरवरी। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने बारामती में 28 जनवरी को हुए विमान हादसे की प्रारंभिक रिपोर्ट आज सौंपी, जिसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी। यह रिपोर्ट शुरुआती तथ्यों और सबूतों पर आधारित है, जो अस्थायी हैं और आगे बदल सकते हैं।
आईसीएओ के मानकों और भारतीय नियमों के तहत जांच का मकसद केवल भविष्य के हादसों को रोकना है, न कि किसी को दोषी ठहराना। दोनों पायलट बारामती एयरफील्ड से परिचित थे और उनके पास वीआईपी उड़ानों व अनियंत्रित हवाई पट्टियों पर व्यापक अनुभव था।
रिपोर्ट में स्पष्ट है कि विमान में पैरामेडिक द्वारा किए गए प्री-फ्लाइट ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट निगेटिव आए, जिसकी पुष्टि वीडियो और स्लिप से हुई। लेकिन हादसे वाले दिन दृश्यता मात्र 3,000 मीटर थी, जो वीएफआर के लिए जरूरी 5,000 मीटर से कम।
एएआईबी ने छोटे हवाई अड्डों पर सख्त निगरानी, लाइसेंसिंग की जांच और लैंडिंग व मौसम सुविधाओं में तत्काल सुधार की सिफारिश की है। जांच जारी है, कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर का डेटा अमेरिकी एनटीएसबी की मदद से निकाला जाएगा।
यह हादसा छोटे हवाई पट्टियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है, जिससे व्यापक सुधारों की मांग तेज हो गई है।