
देश में एलपीजी सिलेंडर अब सोना-चांदी से कम नहीं। पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में एजेंसियों पर 3-4 किलोमीटर लंबी कतारें लग रही हैं। लोग सुबह निकलते हैं, शाम ढलने पर खाली हाथ लौटते हैं। काला बाजार में 900 रुपये का सिलेंडर 3 से 5 हजार में बिक रहा है। मारपीट, चोरी और हताशा का माहौल है।
पंजाब के बरनाला में शैहना गांव के भूषण कुमार मित्तल (60) सुबह 8 बजे एजेंसी पर लाइन में थे। 25 नंबर आने का इंतजार करते हुए हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। लुधियाना में सिलेंडर लेकर लौट रहे व्यक्ति से बाइक सवारों ने छीन लिया।
उत्तर प्रदेश में बाराबंकी की अमित गैस एजेंसी पर अब्दुल और मनीष के बीच लाइन को लेकर झगड़ा। गाली-गलौज से लात-घूंसे तक, वीडियो वायरल। बस्ती के महागौरी एजेंसी पर स्टॉक आते ही लोगों ने मैराथन दौड़ लगाई, कंधों पर सिलेंडर लादे धक्कामुक्की की।
कानपुर की एक महिला ने दर्द बयां किया- 8 दिन, 1600 रुपये खर्च, एक सिलेंडर नहीं। ‘सुसाइड करने का मन कर रहा।’
बिहार के पटना में सत्या गैस एजेंसी पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के नाम पर फर्जी एसडीओ ने 4 सिलेंडर ले लिए। कार्यालय ने खारिज किया, जांच के आदेश।
झारखंड के गढ़वा में शंभू प्रसाद गुप्ता पेट्रोल स्टॉक कर रहे थे। कार की टक्कर से गैलन फूटा, जिंदा जल गए।
यह संकट सप्लाई चेन की पोल खोल रहा है। लाखों परिवार भूखे, गुस्सा भड़क रहा। सरकार कब सुधरेगी?