
काबुल। अफगानिस्तान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को खुलासा किया कि पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट जिले में स्थित महत्वपूर्ण सैन्य केंद्रों पर उसके विमानों ने जोरदार हवाई हमले किए हैं। ये हमले पाकिस्तान द्वारा गुरुवार रात अफगान सीमा पर किए गए हवाई अतिक्रमणों का सीधा जवाब थे।
मंत्रालय के बयान के मुताबिक, कोहाट का मजबूत सैन्य किला और डूरंड लाइन के निकट युद्ध कमांड सेंटर को निशाना बनाया गया। किले से मात्र दो किलोमीटर दूर स्थित यह सेंटर, जिसमें किले के कमांडर का कार्यालय भी शामिल था, पूरी तरह ध्वस्त हो गया। हमलों से गोदाम, आवासीय क्षेत्र और कमांड संरचनाएं नष्ट हो गईं, जिससे पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मंत्रालय ने लिखा, ‘पाकिस्तानी सैन्य शासन की रात्रिकालीन घुसपैठ के जवाब में अफगान वायुसेना ने कोहाट में उनके रणनीतिक ठिकानों पर प्रहार किया।’
तालिबान प्रवक्ता जबीहउल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान के हमलों की कड़ी निंदा की, जो काबुल, कंधार, पक्तिया और पक्तिका प्रांतों पर केंद्रित थे। उन्होंने कहा कि नागरिक घरों को निशाना बनाया गया, जिसमें महिलाओं-बच्चों की जानें गईं। रमजान के आखिरी दिनों और ईद की पूर्व संध्या पर यह कृत्य अमानवीय है। इस्लामी अमीरात इसकी सशक्त भर्त्सना करता है।
मुजाहिद ने कंधार हवाई अड्डे के पास काम एयर के ईंधन भंडार को जलाने का भी आरोप लगाया, जो नागरिक और संयुक्त राष्ट्र उड़ानों के लिए आवश्यक है। इससे पहले हाजी खान जादा के गोदाम भी नष्ट किए गए थे।
संयुक्त राष्ट्र की अफगानिस्तान सहायता मिशन (यूएनएएमए) ने काबुल के पुल-ए-चारही में गुरुवार रात के हमलों में चार नागरिकों की मौत और 14 घायलों की पुष्टि की। उन्होंने तत्काल संघर्ष विराम की मांग की ताकि आगे नागरिक हानि रुके।
डूरंड लाइन पर तनाव चरम पर है। अफगानिस्तान ने अपनी संप्रभुता की रक्षा का संकल्प जताया है, जबकि क्षेत्रीय शांति के लिए कूटनीतिक प्रयास जरूरी हैं।