
फारस की खाड़ी में तनाव के बीच भारत सरकार ने 28 भारतीय झंडे वाले जहाजों और उन पर सवार नाविकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इन सभी पर नजर बनी हुई है।
इनमें 24 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में हैं, जहां 677 भारतीय नाविक तैनात हैं। चार जहाज पूर्वी हिस्से में हैं, जिनमें 101 नाविक सवार हैं। यह वितरण सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है।
भारतीय दूतावास, स्थानीय अधिकारी, जहाज संचालक और भर्ती एजेंसियां निरंतर समन्वय में हैं, ताकि नाविक सुरक्षित रहें और चिकित्सा सहायता मिल सके। डीजी शिपिंग की 28 फरवरी की सलाह अभी भी अमल में है।
देशभर के बंदरगाह सुचारु रूप से चल रहे हैं। प्रमुख बंदरगाहों व राज्य समुद्री बोर्डों के लिए एसओपी जारी हुई है। नोडल अधिकारी एकल संपर्क बिंदु हैं, जो शिपिंग कंपनियों व निर्यातकों की परेशानियां तत्काल सुलझा रहे हैं।
एलपीजी जहाजों को प्राथमिक लंगर सुविधा के आदेश हैं। मध्य-पूर्व कार्गो को ट्रांसशिपमेंट स्टोरेज, अतिरिक्त स्थान, अस्थायी बर्थिंग, कस्टम तेजी और ईंधन वृद्धि जैसी राहतें मिल रही हैं।
बंदरगाह कस्टम, डीजीएफटी से तालमेल, शुल्क छूट पर विचार व दैनिक रिपोर्ट भेज रहे हैं। बुनियादी ढांचा, वित्त, ऊर्जा सुरक्षा व जहाज संरक्षण के समन्वित कदम लॉजिस्टिक्स को मजबूत रखे हुए हैं।