
नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को इंडोनेशिया के अपने समकक्ष सुगियोनो के साथ टेलीफोन पर विस्तृत बातचीत की। इस दौरान पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण स्थिति और दोनों देशों के आपसी संबंधों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए कहा, ‘इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगियोनो से बातचीत में प्रसन्नता हुई। पश्चिम एशिया संघर्ष पर मतांतर साझा किए। द्विपक्षीय संबंधों की चर्चा हुई और संयुक्त आयोग की बैठक शीघ्र आयोजित करने पर सहमति बनी।’
यह बातचीत तब हुई जब पश्चिम एशिया में संघर्ष चरम पर है। 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों के प्रतिक्रियास्वरूप ईरान ने ड्रोन व मिसाइलों से जवाबी कार्रवाई की, जिसमें अमेरिकी संपत्तियां, क्षेत्रीय केंद्र और सहयोगी ठिकाने निशाने पर आए।
हाल के दिनों में जयशंकर ने रूस, ईरान, फ्रांस, ओमान, दक्षिण कोरिया, जर्मनी और यूरोपीय संघ की काजा कल्लास से भी संपर्क किया। भारत क्षेत्रीय शांति, संयम, संवाद और कूटनीति की अपील कर रहा है। साथ ही भारतीय नागरिकों की सुरक्षा तथा ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दे रहा है।
बुधवार को रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से पश्चिम एशिया और द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा हुई। जयशंकर ने एक्स पर लिखा, ‘लावरोव के साथ उपयोगी बातचीत। संघर्ष पर जानकारी साझा की और सहयोग एजेंडे की समीक्षा की।’
कल्लास के साथ संघर्ष के प्रभाव, बैरोट के साथ सुरक्षा परिदृश्य, अराघची के साथ ताजा घटनाक्रम, तथा अन्य के साथ संबंधित मुद्दों पर विमर्श हुआ। ये प्रयास भारत की वैश्विक कूटनीतिक भूमिका को रेखांकित करते हैं।
पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सक्रिय कूटनीति से स्थिरता लाने का प्रयासरत है, जो वैश्विक शांति के लिए महत्वपूर्ण है।