
रांची में गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक ने राज्य के विकास को नई गति देने वाले कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई। शिक्षा, प्रशासनिक सुधार, पेंशन निपटान और बुनियादी सुविधाओं पर केंद्रित ये फैसले लाखों लोगों को लाभ पहुंचाएंगे।
मांकी-मुंडा छात्रवृत्ति योजना में संशोधन को मंजूरी मिली, जिससे आदिवासी छात्रों को बेहतर शैक्षणिक सहायता मिलेगी। ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थान आईडीटीआर टियर-1 की स्थापना के लिए 22.03 करोड़ का प्रस्ताव पास हुआ, जिसमें केंद्र से 17 करोड़, टाटा मोटर्स से 1.82 करोड़ और राज्य से शेष राशि आएगी।
रांची महिला कॉलेज के साइंस ब्लॉक में एसटी छात्राओं के 528 बेड वाले हॉस्टल का निर्माण नए स्थान पर होगा। सीटी-ईएनआईएस प्रोजेक्ट में टीसीएस को एक साल का विस्तार, एनसीसी कैडेटों के नाश्ता भत्ते में वृद्धि और देवघर के सारठ महिला महाविद्यालय को सहशिक्षा डिग्री कॉलेज बनाने की स्वीकृति दी गई।
जनगणना 2027 के लिए तकनीकी स्टाफ की आउटसोर्सिंग, वीआईपी उड़ानों का छह माह विस्तार और पलामू के केडाल्टनगंज स्टेशन का नाम मेदिनीनगर करने का निर्णय लिया गया। शहरी क्षेत्रों में पीएम आवास योजना 2.0 लागू होगी।
विश्वविद्यालयों के निर्माण को मंजूरी: रांची यूनिवर्सिटी के एसएस मेमोरियल कॉलेज को 48.56 करोड़, कोल्हान यूनिवर्सिटी के जेएलएन कॉलेज को 88.92 करोड़, गोड्डा महिला महाविद्यालय को 69.57 करोड़ और बोआरीजोर डिग्री कॉलेज को 40.19 करोड़। 23 जिलों में 800 सीट वाले जिला पुस्तकालयों पर 276.49 करोड़ खर्च होंगे।
सरकारी सेवकों की शिकायत निवारण नियमावली 2026, पेंशन लाभ, कक्षा 1-8 के लिए मुफ्त बैग योजना में बदलाव, बीआईटी सिंदरी में चार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और आरक्षण रजिस्टर को भी मंजूरी। ये कदम झारखंड को मजबूत बनाएंगे।
