
गाजियाबाद की सीबीआई अदालत ने गुरुवार को ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी के पूर्व सहायक दविंदर सिंह अधिकारी को कंपनी के साथ धोखाधड़ी के मामले में दोषी ठहराया। अदालत ने उन्हें चार साल के कठोर कारावास और 35 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। यह फैसला वित्तीय अपराधों के खिलाफ न्यायिक सख्ती का प्रतीक है।
सीबीआई की जांच के अनुसार, 29 जून 2018 को दर्ज प्राथमिकी में 2014 से 2016 के बीच मेरठ डिवीजनल ऑफिस में तैनात अधिकारी द्वारा साजिश रचकर 36.11 लाख रुपये की हेराफेरी का खुलासा हुआ। आरोपी ने साथियों के साथ मिलकर राशि अपने और मित्र के बैंक खातों में हस्तांतरित कर दी थी।
कंपनी को हुए नुकसान के बाद सीबीआई कार्रवाई में आरोपी ने पूरी राशि जमा कर दी, लेकिन अपराध माफ़ी का हक़दार नहीं बना। 31 मई 2021 को आरोपपत्र दाखिल होने के बाद 6 जनवरी 2023 को आरोप तय हुए। सुनवाई में दोष स्वीकारते हुए सजा पाई।
यह मामला बीमा क्षेत्र में आंतरिक भ्रष्टाचार की कमजोरियों को उजागर करता है। कंपनियों को सतर्कता बढ़ानी होगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। न्यायपालिका की यह कार्रवाई अन्य अपराधियों के लिए चेतावनी है।
