
नई दिल्ली में स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन हो रहा है। एनसीईआरटी ने कक्षा 9 की अंग्रेजी पाठ्यपुस्तक में व्यापक संशोधन किया है, जिसमें भारतीय ज्ञान प्रणाली को प्रमुखता दी गई है। इस वर्ष से छात्रों को नया स्वदेशी पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा।
पहले 29 अध्यायों वाली किताब में 15 विदेशी लेखकों के थे, लेकिन अब संख्या घटाकर 16 कर दी गई है। नई पुस्तक ‘कावेरी’ में राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति की कहानी से शुरुआत होती है। रवींद्रनाथ टैगोर, सुब्रमण्यम भारती, टेमसुला आओ और मित्रा फुकन जैसे दिग्गजों की रचनाएं शामिल हैं।
एनसीईआरटी अधिकारी बताते हैं कि 8 अध्याय भारतीय लेखकों के हैं, जबकि 6 अंतरराष्ट्रीय। यह बदलाव 2023 के राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचे के अनुरूप है। शिक्षक इसे सराह रहे हैं, क्योंकि इससे पाठ्यक्रम संक्षिप्त और सांस्कृतिक रूप से प्रासंगिक हो गया है।
भारतीय साहित्य पर जोर देकर छात्रों में सांस्कृतिक गौरव जागेगा। यह कदम शिक्षा को देशी जड़ों से जोड़ने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। आने वाले समय में इससे छात्रों का सीखना अधिक रोचक और प्रभावी बनेगा।