
वाशिंगटन। मध्य पूर्व के संकट से तेल कीमतों में वैश्विक उथल-पुथल मच गई है। कई देश ईंधन बचाने के उपाय कर रहे हैं, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे अमेरिका के लिए सुनहरा मौका बताया है।
ट्रुथ सोशल पर गुरुवार को ट्रंप ने लिखा कि दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक होने के नाते ऊंची कीमतें अमेरिका को भारी मुनाफा दे रही हैं। उन्होंने ईरान को परमाणु हथियारों से रोकना अपनी प्राथमिकता बताया, जो मध्य पूर्व और पूरी दुनिया के लिए खतरा है। ‘मैं इसे कभी नहीं होने दूंगा,’ उन्होंने कहा।
यह बयान तब आया जब आईईए ने ईरानी हमलों से तेल आपूर्ति में ऐतिहासिक रुकावट की चेतावनी दी। 32 सदस्य देशों ने 40 करोड़ बैरल आपात भंडार खोलने का फैसला किया। कुल 1.2 अरब बैरल सरकारी और 60 करोड़ औद्योगिक भंडार उपलब्ध हैं। यह छठा ऐसा कदम है।
28 फरवरी से होर्मुज जलमार्ग अवरुद्ध होने से निर्यात 10 प्रतिशत से नीचे गिर गया। आईईए प्रमुख फातिह बिरोल की बैठक के बाद यह निर्णय हुआ।
ओहियो में ट्रंप ने गैस कीमतों को हल्का बताया और जल्द कमी का भरोसा दिलाया। भारत ने भी इस कदम का समर्थन किया है। ट्रंप का सकारात्मक नजरिया वैश्विक चिंता के बीच अमेरिकी ताकत को रेखांकित करता है।