
गांधीनगर। स्वदेशी को बढ़ावा देने की दिशा में गुजरात सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अगुवाई में अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट में ‘नमो स्वदेशी अर्बन मॉल’ बनाए जाएंगे। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और हर घर स्वदेशी अभियानों को मजबूत आधार प्रदान करेगी, जिससे 2047 तक विकसित भारत का सपना साकार हो सकेगा।
शहरी विकास विभाग के गुजरात शहरी आजीविका मिशन के तहत क्रियान्वित यह योजना स्थानीय कारीगरों, महिला स्वयं सहायता समूहों, फेरीवालों और छोटे उद्यमियों को आधुनिक बाजार मुहैया कराएगी। पिछले वर्ष 16 महानगर पालिकाओं में प्लास्टिक फ्री स्वदेशी फेस्टिवल के सफल आयोजन ने इसकी नींव रखी, जहां हजारों ने स्वदेशी उत्पादों का लुत्फ उठाया।
ये मॉल स्थायी रूप से संचालित होंगे, जहां खरीदारों को एक छत के नीचे विविध स्वदेशी वस्तुएं मिलेंगी। मेला, हाट और प्रदर्शनियों के लिए भी ये स्थान उपयोगी सिद्ध होंगे। इससे उत्पादक और उपभोक्ता के बीच सीधा संबंध बनेगा, जिससे वोकल फॉर लोकल को नई गति मिलेगी।
2026-27 के बजट में 45 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह न केवल आर्थिक सशक्तिकरण लाएगा, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर को भी संजोएगा। गुजरात का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा बनेगा, आत्मनिर्भरता की राह को और प्रशस्त करेगा।