
पश्चिम एशिया में उत्तेजना और एलपीजी सिलेंडरों की कथित कमी की अफवाहों ने देशभर में हड़कंप मचा दिया है। इस बीच राष्ट्रीय जनता दल की नेता रोहिणी आचार्य ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है।
सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने व्यंग्य भरा सवाल किया कि गैस की कमी का जश्न कब मनाया जाएगा। इसे उन्होंने ‘प्रधानमंत्री लाइन लगाओ योजना’ करार दिया। नोटबंदी और कोरोना काल की ऑक्सीजन की कमी के समय की याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि आम जनता को बार-बार कतारों में खड़ा किया जा रहा है।
बिहार समेत कई राज्यों में गैस एजेंसियों पर भीड़ उमड़ पड़ी है। लोग सिलेंडर बुकिंग और वितरण के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं। ऑनलाइन सिस्टम में खराबी ने परेशानी बढ़ा दी है। विपक्ष ने विरोध मार्च की चेतावनी दी है।
सरकार ने स्पष्ट किया कि घरेलू ग्राहकों को कोई कमी नहीं झेलनी पड़ेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने अफवाहों से बचने और सटीक जानकारी पर भरोसा करने को कहा। उन्होंने सप्लाई चेन की मामूली दिक्कतों को स्वीकार किया, लेकिन सामान्यिकरण का भरोसा दिलाया। कोरोना जैसी चुनौतियों से पार पाने की याद दिलाई।
यह विवाद ईंधन आपूर्ति और संकट प्रबंधन पर नई बहस छेड़ चुका है। कतारें बनी हुई हैं, जबकि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।