
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने क्रिकेट में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज ऑलराउंडर जेवन सियरल्स, टाइटंस टीम के मालिक चितरंजन राठौड़ और टीम अधिकारी ग्रिफिथ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई बिम10 टूर्नामेंट 2023/24 से जुड़े गंभीर आरोपों पर आधारित है, जो क्रिकेट वेस्टइंडीज और आईसीसी के एंटी-करप्शन कोड के तहत आते हैं।
आईसीसी के बयान में स्पष्ट किया गया कि राठौड़ पर क्रिकेट वेस्टइंडीज कोड के तहत तीन चार्ज, सियरल्स पर चार और ग्रिफिथ पर चार घरेलू तथा एक आईसीसी कोड के तहत लगे हैं। मुख्य उल्लंघन में मैच फिक्सिंग की कोशिश (आर्टिकल 2.1.1), खिलाड़ियों को अपराध के लिए उकसाना (2.1.4), जांच में सहयोग न करना (2.4.4), भ्रष्ट अप्रोच की सूचना न देना (2.4.2) और ग्रिफिथ पर सबूत छिपाने का आरोप (आईसीसी 2.4.7) शामिल हैं।
तीनों को क्रिकेट की सभी गतिविधियों से दूर रखा गया है। उन्हें आरोपों का जवाब देने के लिए 11 मार्च 2026 से 14 दिन का समय दिया गया है। सियरल्स ने वेस्टइंडीज अंडर-19 के लिए खेला है और 2018 में आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से मैदान संभाला था।
यह कदम क्रिकेट वेस्टइंडीज की घरेलू लीगों में व्याप्त भ्रष्टाचार की समस्या को उजागर करता है। आईसीसी की यह सख्ती वैश्विक स्तर पर साफ-सुथरे क्रिकेट की मिसाल बनेगी, जहां बेटिंग सिंडिकेट्स का खतरा बढ़ रहा है। पूरी जांच के बाद सजा तय होगी, लेकिन निलंबन से इनकी छवि पर स्थायी दाग लग चुका है।