
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बुधवार को खाड़ी देशों पर ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा वाले प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। बहरीन द्वारा पेश इस प्रस्ताव का यूएई ने खुलकर समर्थन किया और ईरान से तुरंत आक्रामक कार्रवाइयां रोकने की मांग की।
यूएन में यूएई के स्थायी प्रतिनिधि मोहम्मद अबुशाहाब ने परिषद के इस कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि 135 देशों के सह-प्रायोजन वाले इस प्रस्ताव से अंतरराष्ट्रीय समुदाय की एकसमान आवाज बुलंद होती है जो संप्रभुता पर हमलों और नागरिकों व महत्वपूर्ण संरचनाओं पर जानबूझकर निशाना साधने को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। अबुशाहाब ने इस संकटपूर्ण समय में यूएनएससी के समर्थन के लिए आभार जताया और अंतरराष्ट्रीय कानून को मजबूत करने, स्थिरता सुनिश्चित करने व क्षेत्रीय तनाव रोकने के लिए सहयोग की प्रतिबद्धता दोहराई।
यूएई सरकार ने जीसीसी सदस्य बहरीन के नेतृत्व की प्रशंसा की। प्रस्ताव में ईरान के हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन व वैश्विक शांति के लिए खतरा बताया गया है। ईरान से बिना शर्त पड़ोसियों को उकसाने या धमकाने की कार्रवाइयां बंद करने को कहा गया। यह प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा के अधिकार को भी मान्यता देता है।
यूएई ने ईरान से अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करने, विशेषकर संघर्ष में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और क्षेत्रीय स्थिरता व वैश्विक आर्थिक हितों को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि से दूर रहने की अपील की।
प्रस्ताव पारित होने से पूर्व जीसीसी देशों व यूएई ने यूएनएससी अध्यक्ष व अमेरिकी पक्ष को कई पत्र भेजे थे, जिसमें हमलों के दायरे व प्रभाव का वर्णन कर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। यूएई के अनुसार, ईरान को अपने अवैध हथियारों से हुए सभी नुकसानों की भरपाई करनी होगी।