
मुंबई। मध्य पूर्व में उग्र होते संघर्ष ने वैश्विक कच्चे तेल बाजारों को हिला दिया है। गुरुवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 9 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर 100.76 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 95 डॉलर के स्तर पर पहुंचा।
यह तेजी तब देखी जा रही है जब इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) ने 32 देशों के इमरजेंसी भंडार से 400 मिलियन बैरल तेल छोड़ने का ऐलान किया है, जो अब तक का सबसे बड़ा कदम है। अमेरिका ने अलग से 172 मिलियन बैरल रणनीतिक भंडार से जारी करने की घोषणा की, जिसकी शुरुआत अगले सप्ताह हो सकती है।
होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही में बाधा और तेल टैंकरों पर हमलों ने चिंताएं बढ़ाई हैं। यह संकरा रास्ता दुनिया के 20 प्रतिशत कच्चे तेल के व्यापार का केंद्र है। पहले तनाव चरम पर तेल 119 डॉलर तक पहुंचा था, फिर 80 डॉलर पर लुढ़का।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि संघर्ष लंबा खिंचा तो कीमतें और ऊंचाई छू सकती हैं। उपभोक्ताओं को ईंधन महंगा होने का सामना करना पड़ेगा, जबकि अर्थव्यवस्थाओं पर महंगाई का दबाव बढ़ेगा। वैश्विक कूटनीति अब इस संकट को रोकने की कोशिश में जुटी है।