
कोलकाता, 12 मार्च। पूर्व खुफिया ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारी और तमिलनाडु के पूर्व राज्यपाल आरएन रवि गुरुवार को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल पद पर शपथ ग्रहण करेंगे। राजभवन में सुबह 11:30 बजे होने वाले इस समारोह में कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पाल शपथ दिलाएंगे।
रवि बुधवार रात कोलकाता पहुंचे हैं। उनके पूर्ववर्ती सीवी आनंद बोस ने 5 मार्च को अचानक इस्तीफा देकर राजनीतिक हलकों में सनसनी फैला दी थी। तृणमूल कांग्रेस ने इसे केंद्र के दबाव का नतीजा बताया, जबकि बोस ने इसे निजी फैसला करार दिया।
शपथ समारोह में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी शामिल होंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, विधानसभा चुनावों के निकट रवि की नियुक्ति महज संयोग हो सकती है। वह पिछले डेढ़ दशक में इंटेलिजेंस ब्यूरो के दूसरे वरिष्ठ अधिकारी हैं जो इस पद पर पहुंचे हैं। 2011 में एमके नारायणन को भी यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
ममता बनर्जी ने नियुक्ति प्रक्रिया पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने उन्हें केवल सूचना दी, परामर्श नहीं किया। “यह संविधान की भावना और संघीय ढांचे पर प्रहार है।”
रवि का खुफिया क्षेत्र का लंबा अनुभव पश्चिम बंगाल की जटिल राजनीतिक परिस्थितियों में संतुलन बनाए रखने में सहायक सिद्ध हो सकता है। चुनावी माहौल में उनकी भूमिका पर सबकी नजरें टिकी हैं। राज्य की शासन व्यवस्था अब एक नए दौर में प्रवेश कर रही है।