
संयुक्त राष्ट्र, 12 मार्च। पूर्वी कांगो गणराज्य में ड्रोन हमले से यूनिसेफ की एक कर्मचारी की मौत पर महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गहरी नाराजगी जाहिर की है। गोमा के पास मानवीय सहायता कार्यकर्ताओं वाले भवन पर हुए इस हादसे ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया।
मुख्य प्रवक्ता स्टीफेन डुजेरिक ने बताया कि करिन बुइसेट नामक यह सहकर्मी बच्चों और संकटग्रस्त परिवारों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहती थीं। संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों ने तुरंत सहायता पहुंचाई और हमले का शुरुआती मूल्यांकन किया।
यह इस साल डीआरसी में मारी गईं दूसरी मानवीय कार्यकर्ता हैं। जनवरी से अब तक देश में सहायता कर्मियों पर 92 घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं। डुजेरिक ने कहा कि संघर्ष में लिप्त सभी पक्षों को नागरिकों और सहायता देने वालों की रक्षा करनी चाहिए।
मानवीय कर्मियों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है, इसे किसी बहस या सौदेबाजी का विषय नहीं बनाया जा सकता। संयुक्त राष्ट्र ने तत्काल लड़ाई बंद करने, संघर्षविराम का पालन करने और राजनीतिक समाधान पर जोर दिया है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी पुष्टि की और मानवीय कानून का सम्मान करने की अपील की। उत्तर किवू की राजधानी गोमा, किवु झील के उत्तरी किनारे पर स्थित, विद्रोही गतिविधियों का केंद्र बनी हुई है। यह घटना सहायता कार्यों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है।