
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने खाड़ी देशों पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की कठोर निंदा करते हुए बहरीन प्रस्तावित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस कदम से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है, क्योंकि तेहरान ने परिषद पर राजनीतिक दुरुपयोग का आरोप लगाया।
जीसीसी सदस्यों ने 954 से अधिक मिसाइलें, 2500 ड्रोन और 17 विमान रोके, लेकिन ये हमले आवासीय क्षेत्रों, खाद्य केंद्रों, हवाई अड्डों, बंदरगाहों व ऊर्जा इकाइयों पर केंद्रित रहे। इससे व्यापारिक मार्ग अवरुद्ध हो रहे हैं, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
यूएई के राजदूत ने स्पष्ट किया कि उनका देश ईरान पर हमलों के लिए आधार नहीं देगा, फिर भी निशाना बना। रक्षा प्रणालियों ने क्षति रोकी, लेकिन 25 देशों के लोग प्रभावित हुए।
प्रस्ताव बहरीन से जॉर्डन तक हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताता है। तत्काल रोक की मांग की गई, अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा का अधिकार रेखांकित।
होर्मुज जलमार्ग पर नागरिकों व जहाजों पर निशाना बनाने की आलोचना। पाकिस्तान ने अपने नागरिकों की मौत व लाखों प्रवासियों के खतरे का जिक्र किया, कूटनीति की अपील की।
फ्रांस ने ईरान को जिम्मेदार ठहराया। 13 वोटों से पारित, चीन-रूस अनुपस्थित। जीसीसी मध्यस्थता का समर्थन, मध्य पूर्व शांति की प्रतिबद्धता। रूस का पुराना प्रस्ताव अमेरिका ने वीटो किया।