
बिहार के भागलपुर जिले से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को सन्नाटे में डुबो दिया। घोघा गंगा घाट पर मुंडन संस्कार के दौरान गंगा स्नान करते हुए एक महिला को बचाने की कोशिश में उसके तीन भतीजों की जान चली गई। यह हादसा ओलपुरा गांव के शालिग्राम साह के घरेलू कार्यक्रम से जुड़ा है, जहां रिश्तेदार दिल्ली तक से जुटे थे।
कार्यक्रम की तैयारियों के बीच 67 परिजन गंगा घाट पर स्नान के लिए पहुंचे। इसी क्रम में शालिग्राम की बहन रुक्मिणी देवी गहरे पानी में फंस गईं। उन्हें देखते ही भतीजे कृष्ण कुमार (26), सनी कुमार (24) और बॉबी कुमार (26) पानी में कूद पड़े। बहादुरी भरी यह कोशिश रंग लाई, क्योंकि ग्रामीणों ने रुक्मिणी को किनारे खींच लिया, लेकिन तीनों युवक तेज धारा में बह गए।
शोर सुनकर पुलिस और गोताखोर मौके पर पहुंचे। लंबी मशक्कत के बाद शव बरामद हुए और अस्पताल ले जाए गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। ये सभी दिल्ली निवासी थे और समारोह में भाग लेने गांव लौटे थे। परिवार का आंगन रोनों से गूंज रहा है।
घोघा थानेदार आशुतोष कुमार ने पुष्टि की कि तीनों आपस में भाई थे। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं, जबकि रुक्मिणी की हालत ठीक है। गंगा घाटों पर बढ़ते हादसों के बीच प्रशासन को सतर्कता बरतने की जरूरत है।