
उत्तर प्रदेश के रामपुर में जिला प्रशासन ने कचरे से संसाधन बनाने की अनुपम मिसाल कायम की है। आठ खराब पड़ी सरकारी एंबुलेंसों को मोबाइल दुकानों में तब्दील कर रेहड़ी-पटरी व्यापारियों को स्थायी रोजगार का आधार दिया गया है। फोटो चुंगी क्षेत्र में बने वेंडिंग जोन में ये वैनशॉप अब चहल-पहल से भरे हैं।
जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में यह ‘जीरो वेस्ट’ पहल शुरू हुई। जिला कार्यालय में बेकार पड़ी एंबुलेंसों को कबाड़ बनाने के बजाय नगर पालिका की सहायता से आधुनिक रूप दिया गया। अब यहां कपड़े, फास्ट फूड, खिलौने और रोजमर्रा की चीजें एक जगह मिल रही हैं।
पहले अव्यवस्थित ठेले जाम और अतिक्रमण का कारण बनते थे, जिससे व्यापारियों को बार-बार हटाया जाता था। अब वेंडिंग जोन ने यह समस्या हल कर दी है। दुकानदारों ने प्रशासन की सराहना की और कहा कि अब उनका कारोबार सुरक्षित है।
स्थानीय निवासी इसे छोटा बाजार मान रहे हैं। भविष्य में अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे जोन बनेंगे, जो प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अनुरूप छोटे व्यापारियों को मजबूत बनाएंगे। यह मॉडल रोजगार और स्वच्छता दोनों सुनिश्चित कर रहा है।