
पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है और इसका असर नेपाल के नागरिकों पर भी पड़ा है। ईरान के मिसाइल-ड्रोन हमलों में 15 नेपाली घायल हुए हैं, जबकि एक की जान चली गई। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी साझा की।
संयुक्त सचिव राम काजी खड़का ने बताया कि 14 घायलों ने इलाज के बाद काम पर वापसी कर ली है। एक व्यक्ति अभी अस्पताल में है, मगर उसकी स्थिति स्थिर है। ये हमले अमेरिका-इजरायल के संयुक्त कार्रवाइयों का जवाब हैं, जिनमें खाड़ी देशों के ढांचे को नुकसान पहुंचा।
गोरखा के दिवास श्रेष्ठ की यूएई के जायेद एयरपोर्ट पर ड्रोन अभियान के दौरान मौत हुई। विदेश सचिव अमृत बहादुर राय ने कहा कि खाड़ी से तत्काल वापसी की जरूरत नहीं, क्योंकि 17 लाख नेपालियों में से किसी को बड़ा खतरा नहीं। यूएई में सबसे ज्यादा 7 लाख नेपाली हैं।
सरकार ने रेस्क्यू ट्रैकिंग पोर्टल शुरू किया, जिसमें मंगलवार तक 61,989 ने पंजीकरण कराया। दूतावास सुरक्षा सलाह जारी कर रहे हैं। नेपाली नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील की गई है। संघर्ष के बीच नेपाल अपनी प्रजा की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटा है।