
सीकर में 13 मार्च से सिने मैजिक सिनेमा हॉल में रिलीज होने वाली फिल्म ‘टाइगर ऑफ राजस्थान’ ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं। राजस्थानी भाषा और संस्कृति को जीवंत करने वाली यह फिल्म क्षेत्रीय सिनेमा के लिए एक बड़ा कदम है।
प्रमोशनल इवेंट में संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा ने शिरकत की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि ऐसी फिल्में राजस्थान की समृद्ध विरासत को प्रोत्साहन देती हैं। ‘मैं सांस्कृतिक पहचान मजबूत करने के उद्देश्य से आया हूं। निर्देशक के बताए संदेश से लगता है कि यह मनोरंजन के साथ अच्छा संदेश देगी।’
मीणा ने जोर देकर कहा, ‘राजस्थान की कला अद्भुत है। सिनेमा इसके प्रचार का सशक्त माध्यम है जो समाज को सकारात्मक दिशा दिखाता है।’
निर्देशक व मुख्य अभिनेता अरविंद कुमार वाघेला ने गैंगस्टर थीम पर सफाई दी। ‘यह किसी की सीधी बायोपिक नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति से प्रेरित है जिसने विपरीत परिस्थितियों में भी नैतिकता नहीं छोड़ी।’ उन्होंने कहा, ‘जैसे इतिहास के नायक प्रेरणा देते हैं, वैसे ही यह किरदार पढ़ा-लिखा होने पर भी गलत रास्ते पर गया लेकिन अपनी अच्छाई संभाली।’
आनंदपाल जैसे नाम पर सवाल पर वाघेला ने स्पष्ट किया, ‘अपराध का गुणगान नहीं, बल्कि यह दिखाना है कि हर हाल में एथिक्स जरूरी हैं।’
फिल्म में रंजीत, देवोलीना भट्टाचार्य, उपासना, दीपशिखा नागपाल व राजू श्रेष्ठ जैसे सितारे हैं। वाघेला ने खुलासा किया कि बजट ढाई करोड़ से अधिक है, जो राजस्थान की महंगी फिल्मों में शुमार है।
यह फिल्म न केवल मनोरंजन देगी बल्कि इंसानियत का पाठ भी पढ़ाएगी।