
अलप्पुझा में राजनीतिक माहौल गरमाता जा रहा है। माकपा के वरिष्ठ नेता जी. सुधाकरन गुरुवार को अपने निवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं, जिससे राज्य की सियासत में हड़कंप मच गया है। बुधवार को उन्होंने व्हाट्सऐप मीडिया ग्रुप लॉन्च किया, जिसने उनके भविष्य के राजनीतिक कदमों पर अटकलों को हवा दी।
पार्टी के शीर्ष नेता एमए बेबी और एमवी गोविंदन ने उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे। सीएम पिनराई विजयन के अलप्पुझा दौरे पर भी सुधाकरन से मुलाकात नहीं हुई। चार बार विधायक और दो बार मंत्री रह चुके सुधाकरन ने हाल ही फेसबुक पर घोषणा की कि वे अपनी 50 साल पुरानी सदस्यता नवीनीकृत नहीं करेंगे।
उन्होंने जिला नेतृत्व पर उपेक्षा का आरोप लगाया। राज्य समिति से हटाकर शाखा स्तर पर भेजे जाने के बाद कोई संपर्क नहीं, सार्वजनिक आयोजनों से बहिष्कार। गोविंदन की टिप्पणी को उन्होंने अपमानजनक बताया। कांग्रेस इस ड्रामे पर नजर रखे हुए है। चर्चा है कि वे अम्बालप्पुझा से निर्दलीय लड़ सकते हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले हलचल तेज। पार्टी निगरानी में, पुलिस स्पेशल ब्रांच अलर्ट। विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम अलप्पुझा की राजनीति बदल सकता है, खासकर चुनावों के निकट। माकपा के लिए यह आंतरिक कलह का बड़ा संकट बन गया है।