
भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान रांची को आईडीबीआई बैंक द्वारा एक पूर्ण रूप से सुसज्जित एम्बुलेंस औपचारिक हस्तांतरण समारोह के दौरान प्रदान की गई। यह कार्यक्रम 11 मार्च 2026 को दोपहर 12:00 बजे खेलगांव हाउसिंग कॉम्प्लेक्स, रांची में आयोजित किया गया। यह पहल बैंक की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) गतिविधियों के अंतर्गत स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करने और संस्थागत कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई।
इस अवसर पर IIIT रांची के निदेशक, प्रो. राजीव श्रीवास्तव, के साथ आईडीबीआई बैंक के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें जनरल मैनेजर एवं मैनेजर श्री ऋषि गुप्ता, डीजीएम (बीएच) – श्री अंग्शुमान हलदार, आरसी – श्री अनुज सहाय, आरसी – श्री सुधांशु कुमार, आरएम – श्री कुमार प्रभात , संस्थान के रजिस्ट्रार श्री एम.एस. चंपिया, संकाय सदस्य, प्रशासनिक अधिकारी तथा छात्र उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत संक्षिप्त सम्मान समारोह से हुई, जिसके बाद एम्बुलेंस का औपचारिक रिबन कटिंग किया गया तथा प्रतीकात्मक रूप से एम्बुलेंस की चाबी निदेशक को सौंप दी गई। इसके पश्चात वाहन की पारंपरिक पूजा भी की गई, जिससे इसकी सेवाओं का शुभारंभ हुआ।
उद्घाटन उपरांत माननीय निदेशक, प्रो. राजीव श्रीवास्तव ने आईडीबीआई बैंक का इस उदार सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया तथा शैक्षणिक संस्थानों में सुदृढ़ स्वास्थ्य सुविधाओं के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समर्पित एम्बुलेंस की उपलब्धता से आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित होगी और छात्रों, शिक्षकों तथा कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को और अधिक मजबूती मिलेगी।
श्री ऋषि गुप्ता ने कहा कि आईडीबीआई बैंक समाज कल्याण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है तथा शिक्षा संस्थानों को सहयोग देने के लिए सार्थक पहल करता रहता है। उन्होंने कहा कि IIIT रांची के स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने में सहयोग देना बैंक के लिए गर्व की बात है। अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित यह एम्बुलेंस संस्थान को आवश्यकता पड़ने पर त्वरित एवं विश्वसनीय चिकित्सा परिवहन सुविधा प्रदान करने में सहायक होगी।
IIIT रांची के रजिस्ट्रार श्री एम.एस. चंपिया ने भी कहा कि इस एम्बुलेंस के जुड़ने से संस्थान के स्वास्थ्य केंद्र की क्षमता और आपातकालीन तैयारियों को और सुदृढ़ता मिलेगी, जिससे पूरे परिसर के समग्र कल्याण में सकारात्मक योगदान होगा।
धन्यवाद ज्ञापन डॉ. गौरव सुंदरम द्वारा प्रस्तुत किया गया।