
कर्नाटक की आईटी इंडस्ट्री ने एक नया रिकॉर्ड बनाने की कगार पर पहुंच गया है। राज्य के आईटी-बीटी मंत्री प्रियांक खड़गे ने विधानसभा में घोषणा की कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में आईटी निर्यात 5.50 लाख करोड़ रुपये को पार कर जाएगा। भाजपा विधायक वेदव्यास कामत के सवाल पर जवाब देते हुए खड़गे ने विकास की पूरी तस्वीर पेश की।
2022-23 में 3.55 लाख करोड़ से शुरू होकर 2023-24 में 4.09 लाख करोड़ और अब 2024-25 में 4.58 लाख करोड़ तक पहुंच चुके हैं। 31 मार्च तक का सफर पूरा होने पर 5.50 लाख करोड़ का आंकड़ा पक्का है, ऐसा उनका दावा है।
बेंगलुरु के अलावा मैसूरु से 3,000 करोड़, मैंगलुरु-तटीय इलाके से 3,500 करोड़, बेलगावी-हुब्बली से 2,000-2,500 करोड़ का योगदान। खड़गे ने मैंगलुरु की क्षमता पर जोर दिया—अनुकूल वातावरण बने तो स्थानीय अर्थव्यवस्था चमक उठेगी।
जीडीपी में बेंगलुरु का 40%, मैंगलुरु का 5.4%—यह फर्क कम करने के लिए तीन साल में 3% वृद्धि संभव। विकास सबकी जिम्मेदारी, खासकर सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील तटीय क्षेत्र में।
राज्यव्यापी 380 एमओयू, तटीय क्लस्टर को एक्सेलेरेटर प्रोग्राम, टेक कन्वेंशन, बियॉन्ड बेंगलुरु के लिए 25 करोड़ बीज निधि। स्टार्टअप्स को शाइन प्रोग्राम से मदद। आईटी पार्क मानदंड एक सप्ताह में सरल, ओशन फार्मिंग नीति और डेटा सेंटरों पर फोकस।
कामत ने कलबुर्गी जैसे कम जीडीपी वाले जिलों पर सवाल उठाए। खड़गे ने भौगोलिक फर्क बताते हुए कहा—तटीय लाभ अलग, लेकिन पूरे राज्य में संतुलित विकास के प्रयास जारी। कर्नाटक आईटी का सितारा बरकरार रखेगा।