
मुंबई के शेयर बाजार में बुधवार को मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के चलते भारी गिरावट दर्ज की गई। ईरान तट के निकट तीन जहाजों पर मिसाइल हमले की खबरों से कच्चे तेल के दामों में उछाल आया, जिसने प्रमुख सूचकांकों को लाल निशान में धकेल दिया। बीएसई सेंसेक्स 1,342.27 अंक या 1.72 प्रतिशत टूटकर 76,863.71 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी50 में 394.75 अंक या 1.63 प्रतिशत की गिरावट रही और यह 23,866.85 पर समाप्त हुआ।
सेक्टरों में ऑटो सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहां निफ्टी ऑटो सूचकांक में 3 प्रतिशत से अधिक की कमी आई। फाइनेंशियल सर्विसेज और प्राइवेट बैंकिंग शेयर भी कमजोर रہے। इंट्राडे में सेंसेक्स 1,396 अंक तक गिरा, जबकि निफ्टी 407 अंक नीचे चला गया। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी 1.25 प्रतिशत तथा 0.36 प्रतिशत की गिरावट हुई।
इससे निवेशकों की संपत्ति में करीब 3 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, क्योंकि बाजार पूंजीकरण 447 लाख करोड़ से घटकर 442 लाख करोड़ रुपये रह गया। ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंचा, जो होर्मुज जलडमरूमध्य में हमलों से उपजा अनिश्चय दर्शाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष लंबा खिंचा तो ऊर्जा आपूर्ति बाधित हो सकती है, जिससे वैश्विक बाजारों पर दबाव बनेगा। निवेशक अब कूटनीतिक प्रयासों और तेल कीमतों पर नजर रखे हुए हैं।