
तिरुवनंतपुरम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केरल दौरे के दौरान बुधवार को कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ, जिसमें एनएच-66 हाईवे का विकास शामिल था। लेकिन इस कार्यक्रम ने केंद्र और राज्य सरकार के बीच राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया। लोक निर्माण विभाग के मंत्री पीए मोहम्मद रियास को आमंत्रित न करने से सियासत गर्म हो गई है।
भाकपा-मार्क्सवादी के केरल राज्य सचिव एमवी गोविंदन ने मीडिया से कहा कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परियोजना को अपनी पार्टी के कार्यक्रम में बदल दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह व्यक्तिगत मुद्दा नहीं, बल्कि राज्य सरकार को निशाना बनाने की साजिश है।
गोविंदन ने बताया कि एनएच-66 महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल से गुजरता है, लेकिन केवल केरल ने भूमि अधिग्रहण के लिए 5580 करोड़ रुपये खर्च किए। राज्य विकास पर निवेश करता है और एनएचएआई के टोल से पैसा वसूलता है।
मंत्री रियास के निर्वाचन क्षेत्र से हाईवे गुजरता है, फिर भी उन्हें न्योता नहीं दिया गया। उधर, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर को बुलाया गया। गोविंदन ने सवाल उठाया कि क्या यह प्रोटोकॉल के अनुरूप है?
गोविंदन का कहना है कि मामला रिश्तों का नहीं, बल्कि मंत्री के आधिकारिक पद का है। केंद्र और केरल बीजेपी ऐसा ही चाहते थे। यह घटना केंद्र-राज्य संबंधों में तनाव को उजागर करती है। विकास परियोजनाओं के बीच राजनीति हावी हो रही है, जो सहकारी संघवाद पर सवाल खड़े करती है।