
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मतदाताओं और चुनाव कर्मचारियों के खिलाफ हिंसा या धमकी के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाने का ऐलान किया। यह घोषणा चुनाव आयोग की विस्तृत समीक्षा बैठक में की गई, जिसमें प्रमुख हितधारकों के साथ हर पहलू पर चर्चा हुई।
चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ कुमार ने राष्ट्रीय दलों जैसे आप, भाजपा, माकपा, कांग्रेस, एनपीपी तथा राज्य दलों एआईएफबी और तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श किया। सभी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की सराहना की और आयोग पर पूर्ण भरोसा जताया।
राजनीतिक दलों ने मतदाताओं पर आक्रामकता, कच्चे बम, अवैध हथियार, धनबल और बाहुबल के दुरुपयोग की आशंकाएं व्यक्त कीं। उन्होंने बड़ी संख्या में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती, मतदाता सुरक्षा और एक-दो चरणों में चुनाव कराने की मांग की।
कुमार ने आश्वासन दिया कि भारत में चुनाव कानून के अनुरूप होंगे और बंगाल में निष्पक्ष, पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने एसआईआर की पारदर्शिता पर जोर दिया, जिसका लक्ष्य हर योग्य मतदाता को शामिल करना और अयोग्य को बाहर रखना है। प्रपत्र 6/7/8 से नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया अभी खुली है।
बैठक में प्रवर्तन एजेंसियों, पुलिस अधिकारियों, डीईओ और एसपी के साथ ईवीएम प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, प्रशिक्षण, जब्ती, कानून-व्यवस्था और जागरूकता पर गहन समीक्षा हुई। प्रलोभन पर सख्ती और मतदान केंद्रों पर रैंप, व्हीलचेयर, पानी जैसी सुविधाओं के निर्देश दिए गए। दलों ने हिंसा-मुक्त चुनाव के लिए सहयोग का वादा किया।